धधकते सूर्य के रहस्य खोलने के लिए पार्कर हुआ रवाना

रविवार को नासा द्वारा पार्कर का सुबह 3:31 बजे किया गया सफल प्रक्षेपण 

धधकते सूर्य के रहस्य खोलने के लिए पार्कर हुआ रवाना
parker solar probe

रविवार 11.08.2018 की आधी रात को जब पूरी पृथ्वी के मनुष्य आराम से सो रहे थे। तभी अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सूरज से दोस्ती के लिए अपना पार्कर यान भेजा। यह सूर्य के इतने करीब जाने वाला दुनिया का दूसरा यान है। इसका पूरा नाम ( पार्कर सोलर प्रोब ) है। इस मिशन को नासा ने ( टच द सन ) नाम दिया है और यह यान नवंबर में सूर्य से 1.5 करोड़ मील दूर पहुंच जाएगा। 

सूर्य के अभियान पर पहले भी जा चुका है हीलियम 2 यान 

हीलियम 2 यान सूर्य के सबसे नजदीक 1976 में पहुंचा था। तब यह अंतरिक्ष यान सूर्य से 2.7 करोड़ मील दुरी तक गया था। 

पार्कर को सूर्य के भीषण तापमान से बचाएगी उड़नतश्तरी

नासा द्वारा पार्कर के लिए 8 फीट का रक्षा कवच तैयार किया गया है। इस कवच को बनाने में नासा को एक दशक का समय लग गया। यह कवच पार्कर को सूर्य के तापमान से बचाएगा तथा इस कवच का नाम नासा द्वारा उड़नतश्तरी रखा गया है। 

धधकते सूर्य के रहस्य खोलने के लिए पार्कर हुआ रवाना
parker solar probe

1. इस पर कार्बन फोम की 4.5 इंच मोटी परत चढ़ाई गई है। 
2. पार्कर यान का वह हिस्सा जो सूर्य की तरफ होगा। उस पर सफेद सेरामिक पेंट की परत चढ़ाई गई है। ताकि      यह सूरज की गर्मी को परावर्तित कर सकें।
3. इस परत का वजन 73 किलोग्राम है। 

पार्कर करेगा यह पता 

1. पार्कर यान यह पता लगाएगा। कि जब सूर्य के कोरोना का तापमान 10 लाख डिग्री फारेनहाइट होता है। तो          सूर्य की सतह का तापमान 5550 सेल्सियस फारेनहाइट कैसे रह जाता है।
2. पार्कर सूर्य से उठने वाले सौर तूफान का रहस्य जानेगा, जिससे हमारी दूरसंचार प्रणाली, सैटेलाइट, अंतरिक्ष        यात्री, पावर ग्रिड, रेडियो कम्युनिकेशन, बुरी तरह से प्रभावित होते हैं।
3. पार्कर यान सूरज के 7 चक्कर लगाते हुए इसके परिमंडल और असामान्य वातावरण का अध्ययन करेगा।
4. यह यान सूरज की बाहरी परत कोरोन के नजदीक रहेगा। 

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पार्कर अंतरिक्ष यान पर अभी तक कितना खर्च हुआ

इस यान का प्रक्षेपण होने तक 1.5 अरब डॉलर हो चुके हैं।

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nasa

पार्कर यान साल में सूर्य के 24 चक्कर लगाएगा और यह 6 चक्कर शुक्र ग्रह के लगाएगा ताकि यह सूर्य के 38 लाख मील नजदीक पहुंच सके। यह कई ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण मार्गो से होकर गुजरेगा बुध ग्रह का गुरुत्वाकर्षण मार्ग भी इसकी मदद करेगा। 

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Image source - Dainik Savera, Bhavtarini, google

सौर तूफान के बारे में सबसे पहले पार्कर ने ही बताया था

भौतिक के प्रसिद्ध वैज्ञानिक यूजीन न्यूमैन पार्कर ने ही अंतरिक्ष में सौर तूफान के बारे में 1958 में सबसे पहले बताया था। नासा ने इस यान का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है।
60 साल पहले यूजीन न्यूमैन पार्कर की इस थ्योरी पर भरोसा सिर्फ भारतीय मूल के अमेरिकी खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर को था। इनके अलावा इस थ्योरी पर और कोई भरोसा करने को तैयार नहीं था। चंद्रशेखर को भौतिक शास्त्र का नोबेल पुरस्कार 1983 में दिया गया था।

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